उत्तर प्रदेश सरकार ने दुर्गा पूजा, रामलीला और मेलो के लिए गाइडलाइन्स जारी, कैसे होगा आयोजन

इस वर्ष कोरोना को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ गाइडलाइन्स जारी किए है। नवम्बर महीने में कुछ त्योहार आ रहे है जैसे की नवरात्र, दशहरा, धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार है। दशहरा में दुर्गा पूजा को लेकर लोगो में काफी उत्साह रहता है। दशहरा में ही लोग रामलीला का भी आयोजन करते है। लेकिन इस साल कोरोना वायरस के चलते त्योहारो और होने वाले कार्यकर्म को लेकर सख्ती है।

इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश की सरकार ने दुर्गा पूजा और रामलीला, इन दोनों आयोजन को लेकर गाइडलाइन्स जारी किया है। दुर्गा पूजा के आयोजन को सार्वजनिक जगह पर होने से रोक लगाई गई है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा में होने वाले रामलीला मंचन को लेकर भी नियम बनाये गए है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा की रामलीला का आयोजन एक प्राचीन परम्परा है। प्राचीन से यह परम्परा रही है की दुर्गा पूजा के समय रामलीला का आयोजन होता आया है। इस साल कोरोना के कारण रामलीला का आयोजन टूटने ना पाये इसके लिए रामलीला मंचन के लिए कुछ नियम व शर्ते रखे है |

क्या नियम होंगे रामलीला मंचन के दौरान

योगी आदित्य नाथ कहा है की जिस स्थान पर रामलीला का कार्यकर्म होगा वंहा पर १०० से ज्यादा लोग रामलीला एकत्रित नहीं होंगे | जो दर्शक रामलीला देखने जायेगा उसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा | सभी लोगो को मास्क पहनना अनिवार्य होगा था उस स्थान को पूरी तरह से सैनिटेशन करना आवश्यक है |

दुर्गा पूजा में नहीं लगेंगे पंडाल, घरो में रख सकते है प्रतिमाएं

अगर बात करे दुर्गा पूजा की तो इस साल हर वर्ष कि तरह सार्वजनिक जगहों पर आयोजन नहीं हो सकेगा इस सरकार ने रोक लगा दिया है | साथ ही साथ आप दुर्गा पूजा के समय किसी भी प्रकार का जुलुस भी नहीं निकल सकते है | लोग अपने घरो में मूर्ति स्थापित कर पूजा कर सकते है | यह रोक इस लिए लगाया गया है ताकि भीड़ एकत्रित न हो और कोरोना से स्वस्थ बचे रहे |

इस साल नहीं लग पाएंगे मेले

इसके पहले हर वर्ष दुर्गा पूजा के समय मेले का आयोजन किया जाता था । लेकिन इस वर्ष मेले का आयोजन नहीं किया जायेगा। क्योकि अगर मेला लगेगा तो भीड़ लगना संभव है। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जायेगा। इसी लिए सरकार ने इस वर्ष मेले पर रोक लगा दी है।

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