सरकार किसान बिल के 8 संसाधनों पर दिखी राज़ी

सरकार किसान बिल के 8 संसाधनों पर दिखी राज़ी

सरकार किसान बिल के 8 संसाधनों पर दिखी राज़ी

 

किसान कृषि कानून में परिवर्तन को लेकर अपनी बातो पर अड़े हुए है| बीते कुछ दिनों से कई – कई घंटो के बैठक के बाद किसानों और सरकार के बीच कुछ मुद्दों पर सहमती होती देखी जा रही है| 

 

सरकार ने कई मुद्दों पर दिखाया नरम रुख  

 

कृषि कानून के खिलाफ आन्दोलन अभी भी जारी है| दिल्ली की सीमा पर आन्दोलन करते हुए किसानों को 9 दिन दिन हो गए है और इसके बीच २ बार केंद्र सरकार से बात – चीत हुई है लेकिन अभी तक कोई भी खास नतीजा नहीं निकला है| किसान कृषि कानून को वापस लेने पर अड़े है किसान MSP को लेकर खास भरोसा चाहते है|

 

किसान और कृषि के बातचीत में 8 बातो पर सहमती हुई 

 

गुरूवार को करीब 7 घंटे की चर्चा के दौरान कृषि और सरकार के बीच काफी मुद्दों पर सहमती हुई| और कुछ मुद्दों पर सहमती नही हो पाई जिस पर किसान अभी भी अड़े है किसान ने लिखित तौर पर अपनी आपतियो को व्यक्त किया था जिसके बाद केंद्र सरकार ने कृषि के क़ानूनों के 8 मुद्दों पर विचार करने का प्रस्ताव रखा| जिस पर किसान नेताओं ने उसको ठुकरा दिया मगर चर्चा खत्म होने पर कुछ मुद्दों पर सरकार का नरम रुख था|

 

– MSP को लेकर किसानो में ज्यादा चिंता है जिस तरह से मंदी सिस्टम चल रहा है वैसे ही वो चलेगा और बाहरी मंदी का बस विकल्प ही होगा|

 

-जितनी भी प्राइवेट मंदी है उन सब को कानून के दायरे में लाया जा सकता है किसानों ने इस बात को सिविल कोर्ट तक ले जाने की बात कही है जिस पर विचार किया जा रहा है|

 

-अगर व्यापारी प्राइवेट मंदी में दाखिल होता है तो दाखिल होने पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा होना चाहिए| और सिर्फ पेन कार्ड से काम नही चलेगा इस बात को मानते हुए भी सरकार ने विचार करने को कहा है|

 

इसपर किसानों का कहना है की आगे अगर MSP पर किसान भरोसा देती है तो उसे लिखित तौर पर कानून में शामिल किया जाये|

 

किसानों के साथ हुई बातो से क्या निष्कर्ष निकला 

 

विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और कृषि नेताओं के बीच चौथे दौर की बातचीत में मीटिंग में किसान नेताओं ने ३ कृषि कानून में खामिया को बताया और इसपर सवाल किये जिस पर किसान नेताओं के पास इसका कोई जवाब नहीं था| इसके बाद केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों के 8 मुद्दों पर विचार करने का प्रस्ताव रखा जिस पर किसान नेताओं ने इसे ठुकरा दिया|

 

सरकार की तरफ से क्या कहा गया

 

इस मीटिंग के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा है की किसानों ने बहुत से मुद्दे उठाते थे|इस पर सरकार ने कहा है की सरकार किसे प्रकार की चीटिंग नहीं कर रही है इसके अलावा किसान बिजली बिल एक्ट पर भी सरकार से कुछ सफाई चाहती है| 

   

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